सभा পর্ব
অধ্যায়
৪১
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते तु भीष्मेण ततः सञ्चुक्रुधुर्नृपाः |
২৬ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১৪৮
वासुदेव उवाच
एवमुक्ते तु भीष्मेण द्रोणेन विदुरेण च |
১ ক
भीष्म পর্ব
অধ্যায়
৫৪
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते तु भीष्मेण पुत्रास्तव जनेश्वर |
৪৩ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
১৫৫
व्राह्मण उवाच
एवमुक्ते तु याजेन हुते हविषि संस्कृते |
৩৭ ক
कर्ण পর্ব
অধ্যায়
৬৭
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते तु राधेय़े वासुदेवेन पाण्डवम् |
৬ ক
सभा পর্ব
অধ্যায়
৫৮
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते तु वचने धर्मराजेन भारत |
৩৮ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
৬৭
भीष्म उवाच
एवमुक्ते तु वचने धर्मराजेन स द्विजः |
১১ ক
शान्ति পর্ব
অধ্যায়
১২৬
ऋषभ उवाच
एवमुक्ते तु वचने राज्ञा मुनिरधोमुखः |
২৯ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
২১৯
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमुक्ते तु शक्रेण त्रिदिवं कृत्तिका गताः |
১১ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১২
शल्य उवाच
एवमुक्ते तु सा देवी वाष्पमुत्सृज्य सस्वरम् |
১৪ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
১০
राजो उवाच
एवमुक्ते त्वय़ा विप्र यदवाच्यं भवेदपि |
৪৭ ক
कर्ण পর্ব
অধ্যায়
৬
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते नरेन्द्रेण नरसिंहा युय़ुत्सवः |
১০ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
৭০
वृहदश्व उवाच
एवमुक्ते नलेनाथ तदा भाङ्गस्वरिर्नृपः |
৬ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
৫২
वृहदश्व उवाच
एवमुक्ते नैषधेन मघवान्प्रत्यभाषत |
৩ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
৮১
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते पाण्डवेन पर्यहृष्यद्वृकोदरः |
৫৪ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
২৫
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते प्रत्युवाच धर्मराजं धनञ्जय़ः |
৪ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
২১৫
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते प्रत्युवाच वीभत्सुर्जातवेदसम् |
১২ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১০
शल्य उवाच
एवमुक्ते मघवता देवाः सर्षिगणास्तदा |
৫ ক
कर्ण পর্ব
অধ্যায়
২
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते महाराज कर्णो वैकर्तनो नृपः |
১৭ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১৪৬
वासुदेव उवाच
एवमुक्ते महाराज द्रोणेनामिततेजसा |
১৭ ক
कर्ण পর্ব
অধ্যায়
৫০
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते महाराज फल्गुनेन महात्मना |
৩৮ ক
द्रोण পর্ব
অধ্যায়
১১৮
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्ते महाराज सर्वे कौरवपाण्डवाः |
৪৯ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
১৫
कृष्ण उवाच
एवमुक्ते मय़ा पार्थ भवे चार्तिविनाशने |
৪৬ ক
सभा পর্ব
অধ্যায়
৩৬
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ते मय़ा सम्यगुत्तरं प्रव्रवीतु सः ||
৩ খ
वन পর্ব
অধ্যায়
১৯০
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमुक्ते वामदेवेन राज; न्समुत्तस्थू राक्षसा घोररूपाः |
৬৭ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১০৫
नारद उवाच
एवमुक्ते सखा तस्य गरुडो विनतात्मजः |
১৬ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
১৩২
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तेषु राज्ञा तु पाण्डवेषु महात्मसु |
১ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১৬
वृहस्पतिरु उवाच
एवमुक्तैर्वर्धितश्चापि देवै; राजाभवन्नहुषो घोरवीर्यः |
২৫ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১৯৫
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो गुडाकेशः पार्थिवेन धनञ्जय़ः |
৮ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
২৯৬
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो गुडाकेशः प्रगृह्य सशरं धनुः |
২১ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
২৭
सूत उवाच
एवमुक्तो जगामेन्द्रो निर्विशङ्कस्त्रिविष्टपम् |
৩৩ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
২২৩
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो जातवेदा द्रोणेनाक्लिष्टकर्मणा |
২০ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
২৫৯
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमुक्तो दशग्रीवस्तुष्टः समभवत्तदा |
২৭ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
৭৫
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो दुहित्रा स द्विजश्रेष्ठो महाय़शाः |
২৫ ক
विराट পর্ব
অধ্যায়
৬৬
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो धर्मराजः पार्थमैक्षद्धनञ्जय़म् |
২৮ ক
भीष्म পর্ব
অধ্যায়
১১৫
सञ्जय़ उवाच
एवमुक्तो धर्मराजः प्रत्युवाच जनार्दनम् |
৬৩ ক
उद्योग পর্ব
অধ্যায়
১২
शल्य उवाच
एवमुक्तो न जग्राह तद्वचः काममोहितः |
৫ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
৬৪
वृहदश्व उवाच
एवमुक्तो नलस्तेन न्यवसत्तत्र पूजितः |
৮ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
৭০
वृहदश्व उवाच
एवमुक्तो नलो राजा न्ययच्छत्कोपमात्मनः |
৩৪ ক
शान्ति পর্ব
অধ্যায়
১৩৫
भीष्म उवाच
एवमुक्तो निराक्रामद्दीर्घदर्शी महामतिः |
১০ ক
शान्ति পর্ব
অধ্যায়
৩৭
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो भगवता धर्मराजो युधिष्ठिरः |
১ ক
सभा পর্ব
অধ্যায়
১৮
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो भगवता प्रत्युवाच युधिष्ठिरः |
৮ ক
शान्ति পর্ব
অধ্যায়
২১৬
भीष्म उवाच
एवमुक्तो भगवता महेन्द्रः पृथिवीं तदा |
১১ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
১৫২
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो भगवता व्यासेन पृथिवीपतिः |
৪ ক
आदि পর্ব
অধ্যায়
২২৩
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो भ्रातृभिस्तु जरितारिर्विभावसुम् |
৬ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
২৮
गर्दभ्यु उवाच
एवमुक्तो मतङ्गस्तु प्रत्युपाय़ाद्गृहं प्रति |
১৭ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
৩০
भीष्म उवाच
एवमुक्तो मतङ्गस्तु भृशं शोकपराय़णः |
১ ক
अनुशासन পর্ব
অধ্যায়
২৯
भीष्म उवाच
एवमुक्तो मतङ्गस्तु संशितात्मा यतव्रतः |
১ ক
वन পর্ব
অধ্যায়
১৮৫
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमुक्तो मनुर्मत्स्यमनय़द्भगवान्वशी |
১৯ ক
आश्वमेधिक পর্ব
অধ্যায়
৬
व्यास उवाच
एवमुक्तो मरुत्तस्तु नारदेन महर्षिणा |
১৪ ক