कर्ण पर्व
अध्याय
१८
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ द्रुपदस्यात्मजो वली |
६४ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ द्रोणपुत्रः प्रतापवान् |
२३ क
शल्य पर्व
अध्याय
१२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ धर्मपुत्रो महारथः |
१५ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१४०
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ धर्मपुत्रो युधिष्ठिरः |
२६ क
भीष्म पर्व
अध्याय
४९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ धृष्टद्युम्नो महामनाः |
२२ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ नकुलः क्रोधमूर्च्छितः |
५९ क
शल्य पर्व
अध्याय
९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ नकुलः क्रोधमूर्छितः |
३१ क
भीष्म पर्व
अध्याय
७३
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ पार्षतः परवीरहा |
६४ क
द्रोण पर्व
अध्याय
९९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ पुत्रस्तव जनेश्वर |
२० क
कर्ण पर्व
अध्याय
४४
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ पुत्रस्ते भरतर्षभ |
३१ क
कर्ण पर्व
अध्याय
२०
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ प्रत्यविध्यत पाण्डवम् ||
१३ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
७५
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ भारसाधनमुत्तमम् |
४४ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१४१
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ भीमसेनो महावलः |
४८ क
शल्य पर्व
अध्याय
१४
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ माद्रीपुत्रो महारथः |
२० क
शल्य पर्व
अध्याय
१६
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ वलवद्वेगवत्तरम् |
१ क
द्रोण पर्व
अध्याय
८२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ वृहत्क्षत्रो हसन्निव |
५ क
शल्य पर्व
अध्याय
९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ वेगघ्नं भारसाधनम् |
३३ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१०७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ वेगवत्परवीरहा |
१० क
शल्य पर्व
अध्याय
२७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ शकुनिर्युद्धदुर्मदः |
२५ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१०१
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ शैशुपालिर्महारथः |
२८ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३९
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ श्रुतकीर्तिर्महारथः |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
६७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ स राजा क्रोधमूर्छितः |
४० क
द्रोण पर्व
अध्याय
१०४
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सज्यं कृत्वा च सूतजः |
२१ क
द्रोण पर्व
अध्याय
२०
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सत्यजिद्वेगवत्तरम् |
१२ क
भीष्म पर्व
अध्याय
११०
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ समरे भारसाधनम् |
२७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
९१
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सर्वकाय़ावदारणम् |
४२ क
कर्ण पर्व
अध्याय
१७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सहदेवः प्रतापवान् |
३७ क
शल्य पर्व
अध्याय
१२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सात्यकिः क्रोधमूर्छितः |
२५ क
द्रोण पर्व
अध्याय
९३
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सात्यकिः सत्यविक्रमः |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१३७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सात्यकिर्वेगवत्तरम् |
१७ क
भीष्म पर्व
अध्याय
४३
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ साय़कांश्च चतुर्दश |
३१ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सुदृढं भीमविक्रमः |
४७ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सुषेणः क्रोधमूर्छितः |
६१ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१२०
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सूतपुत्रः प्रतापवान् |
६८ क
द्रोण पर्व
अध्याय
२४
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सैन्धवः कृतहस्तवत् |
१२ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१३७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ सोमदत्तो महारथः |
२२ क
द्रोण पर्व
अध्याय
९६
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ स्यालस्तव विशां पते |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय
६७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ हार्दिक्यः क्रोधमूर्छितः |
३१ क
कर्ण पर्व
अध्याय
१७
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ हेमपृष्ठं दुरासदम् |
५९ क
द्रोण पर्व
अध्याय
९२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यद्धनुरादाय़ हेमपृष्ठं दुरासदम् |
१६ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यमपि जग्राह सुपर्वाणं सुतेजनम् |
५४ क
शान्ति पर्व
अध्याय
२२६
व्यास उवाच
अथान्यानाश्रमान्पश्चात्पूतो गच्छति कर्मभिः ||
७ ख
वन पर्व
अध्याय
६९
वाहुक उवाच
अथान्यान्मन्यसे राजन्व्रूहि कान्योजय़ामि ते ||
१५ ख
विराट पर्व
अध्याय
३०
वैशम्पाय़न उवाच
अथान्यान्विविधाकारान्ध्वजान्हेमविभूषितान् |
१८ क
कर्ण पर्व
अध्याय
९
सञ्जय़ उवाच
अथान्ये धनुषी मृष्टे प्रगृह्य च महाशरान् |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
७४
सञ्जय़ उवाच
अथान्ये धनुषी राजन्प्रगृह्य समरे तदा |
२२ क
भीष्म पर्व
अध्याय
७५
सञ्जय़ उवाच
अथान्येन सुतीक्ष्णेन सर्वावरणभेदिना |
४२ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१७१
सञ्जय़ उवाच
अथान्येन सुपुङ्खेन शरेण नतपर्वणा |
५३ क
कर्ण पर्व
अध्याय
५८
सञ्जय़ उवाच
अथान्यैर्दशभिर्भल्लैः शिरांस्येषां न्यपातय़त् |
२७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१०२
सञ्जय़ उवाच
अथान्यैर्निशितैर्वाणैः सङ्क्रुद्धः कुण्डभेदिनम् |
९४ क