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शान्ति पर्व
अध्याय २
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि भारत |
२ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ८
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि भारत |
१० क
वन पर्व
अध्याय ३७
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि भारत |
३ क
वन पर्व
अध्याय १४९
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि भारत |
१८ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
भीष्म उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि भारत |
६ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि माधव |
४० क
स्त्री पर्व
अध्याय १२
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि माधव |
११ क
द्रोण पर्व
अध्याय ८६
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा वदसि माधव |
३९ क
विराट पर्व
अध्याय १
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतन्महावाहो यथा स भगवान्प्रभुः |
११ क
वन पर्व
अध्याय २७६
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमेतन्महावाहो रामेणामिततेजसा |
१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५२
सञ्जय़ उवाच
एवमेतन्महाव्यूहं प्रत्यव्यूहन्त पाण्डवाः |
१८ क
भीष्म पर्व
अध्याय ७१
सञ्जय़ उवाच
एवमेतन्महाव्यूहं व्यूह्य भारत पाण्डवाः |
१२ क
कर्ण पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
एवमेतन्महाव्यूहं व्यूह्य भारत पाण्डवाः |
३२ क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
सौदास उवाच
एवमेतन्महाव्रह्मन्नानृतं वदसेऽनघ |
२१ क
कर्ण पर्व
अध्याय १९
सञ्जय़ उवाच
एवमेतन्महाय़ुद्धं दारुणं भृशसङ्कुलम् |
६९ क
शान्ति पर्व
अध्याय २४
शङ्ख उवाच
एवमेतन्मय़ा कार्यं नाहं दण्डधरस्तव |
२७ क
आदि पर्व
अध्याय १३०
दुर्योधन उवाच
एवमेतन्मय़ा तात भावितं दोषमात्मनि |
८ क
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
भीष्म उवाच
एवमेतन्मय़ा प्रोक्तमितिहासं युधिष्ठिर |
२०४ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ८०
व्यास उवाच
एवमेता महाभागा यज्ञिय़ाः सर्वकामदाः |
४४ क
द्रोण पर्व
अध्याय ५३
अर्जुन उवाच
एवमेतां प्रतिज्ञां मे सत्यां विद्धि जनार्दन ||
५१ ख
शान्ति पर्व
अध्याय २०७
गुरुरु उवाच
एवमेताः सिरानद्यो रसोदा देहसागरम् |
१८ क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २८
व्राह्मण उवाच
एवमेतादृशं मोक्षं सुसूक्ष्मं व्राह्मणा विदुः |
२८ क
वन पर्व
अध्याय १०९
लोमश उवाच
एवमेतानि कर्माणि राजंस्तेन महर्षिणा |
१० क
शान्ति पर्व
अध्याय २६
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेतानि कालेन प्रिय़द्वेष्याणि भागशः |
२१ क
शान्ति पर्व
अध्याय २८
अश्मो उवाच
एवमेतानि दुःखानि तानि तानीह मानवम् |
१३ क
शान्ति पर्व
अध्याय १७०
भीष्म उवाच
एवमेतानि दुःखानि तानि तानीह मानवम् |
२० क
वन पर्व
अध्याय २०६
व्राह्मण उवाच
एवमेतानि पुरुषा दुःखानि च सुखानि च |
९ क
उद्योग पर्व
अध्याय ५३
सञ्जय़ उवाच
एवमेतानि सरथो वहञ्श्वेतहय़ो रणे |
१३ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ५८
सञ्जय़ उवाच
एवमेतानि सर्वाणि तथान्यान्यपि भारत |
५ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ७५
भीष्म उवाच
एवमेतान्गुणान्वृद्धान्गवादीनां यथाक्रमम् |
१७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
एवमेतान्महाराज नरवाजिरथद्विपान् |
५२ क
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
व्यास उवाच
एवमेतान्योगदोषाञ्जय़ेन्नित्यमतन्द्रितः ||
७ ख
सभा पर्व
अध्याय ६६
दुर्योधन उवाच
एवमेतान्वशे कर्तुं शक्ष्यामो भरतर्षभ ||
१७ ख
उद्योग पर्व
अध्याय २८
युधिष्ठिर उवाच
एवमेतावापदि लिङ्गमेत; द्धर्माधर्मौ वृत्तिनित्यौ भजेताम् |
३ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
भीष्म उवाच
एवमेतासु रक्षा वै शक्या कर्तुं महात्मभिः |
२१ क
वन पर्व
अध्याय २१९
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमेते कुमाराणां मय़ा प्रोक्ता महाग्रहाः |
४१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
सञ्जय़ उवाच
एवमेते तदा व्यूहं कृत्वा भारत तावकाः |
३३ क
आदि पर्व
अध्याय १८९
व्यास उवाच
एवमेते पाण्डवाः सम्वभूवु; र्ये ते राजन्पूर्वमिन्द्रा वभूवुः |
३३ क
वन पर्व
अध्याय २२०
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमेते पिशाचानामसङ्ख्येय़ा गणाः स्मृताः |
१७ क
वन पर्व
अध्याय २१२
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमेते महात्मानः कीर्तितास्तेऽग्नय़ो मय़ा |
२७ क
वन पर्व
अध्याय २९९
वैशम्पाय़न उवाच
एवमेते महात्मानः प्रच्छन्नास्तत्र तत्र ह |
१९ क
शान्ति पर्व
अध्याय २०१
भीष्म उवाच
एवमेते महात्मानः स्थिताः प्रत्येकशो दिशः |
३४ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ९५
भीष्म उवाच
एवमेते महात्मानो भोगैर्वहुविधैरपि |
८३ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३९
व्यास उवाच
एवमेते महाप्राज्ञे देवा मानुष्यमेत्य हि |
१६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८२
सञ्जय़ उवाच
एवमेते महाराज तावकाः पाण्डवैः सह |
५१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४७
सञ्जय़ उवाच
एवमेते महाराज प्रहृष्टाः कुरुपाण्डवाः |
३० क
भीष्म पर्व
अध्याय ९२
सञ्जय़ उवाच
एवमेते महासेने मृदिते तत्र भारत |
७६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
सञ्जय़ उवाच
एवमेते महेष्वासाः पुत्रास्तव विशां पते |
३१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६८
सञ्जय़ उवाच
एवमेते महेष्वासास्तावकाः पाण्डवैः सह |
११ क
सभा पर्व
अध्याय ७१
विदुर उवाच
एवमेते महोत्पाता वनं गच्छति पाण्डवे |
२८ क