आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
५९
वासुदेव उवाच
भीमसेनेन विक्रम्य पश्यतां पृथिवीक्षिताम् ||
३० ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१११
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनेन संरव्धं राजा दुर्योधनोऽव्रवीत् |
१६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०८
धृतराष्ट्र उवाच
भीमसेनेन समरे मोह आविशतीव माम् ||
६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
९९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनेन हि वधः सुतानां तव भारत |
२७ क
भीष्म पर्व
अध्याय
११२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो गजानीकं योधय़न्वह्वशोभत |
३५ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो गदां भीमां प्रकर्षन्परिघोपमाम् |
३२ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो गदां विभ्रद्वज्रसारमय़ीं दृढाम् |
१३ क
शल्य पर्व
अध्याय
११
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो गदापाणिः समाह्वय़त मद्रपम् ||
२६ ख
उद्योग पर्व
अध्याय
५०
धृतराष्ट्र उवाच
भीमसेनो गदापाणिः सूदय़िष्यति मे सुतान् ||
४२ ख
सभा पर्व
अध्याय
२१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो जरासन्धमाससाद युय़ुत्सय़ा ||
९ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
५०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो द्विधा राजंश्चिच्छेद विपुलासिना |
२७ ख
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
६२
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो नृपश्रेष्ठं प्राञ्जलिर्वाक्यमव्रवीत् ||
१० ख
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
८८
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महातेजा यमाभ्यां सह भारत ||
३ ख
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
९०
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महातेजाः सततं राजशासनात् ||
२३ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०३
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महाराज द्रष्टुकामो धनञ्जय़म् |
२४ क
वन पर्व
अध्याय
७९
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महाराज द्रौपदीमिदमव्रवीत् ||
१६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
११२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महाराज पूर्ववैरमनुस्मरन् ||
२५ ख
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
८६
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महाराज राज्ञामक्लिष्टकर्मणाम् ||
१७ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुः कवची शुभकुण्डली |
५४ क
भीष्म पर्व
अध्याय
४२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुः प्राणदद्गोवृषो यथा ||
८ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
५८
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुः सवज्र इव वासवः ||
३४ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
९०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुर्गदामादाय़ सत्वरः ||
२० ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१५८
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुर्द्रोणानीकेन सङ्गतः ||
४७ ग
शल्य पर्व
अध्याय
११
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो महावाहुर्न चचालाचलो यथा ||
१६ ख
आदि पर्व
अध्याय
१९७
विदुर उवाच
भीमसेनो महावाहुर्नागाय़ुतवलो महान् |
१७ क
वन पर्व
अध्याय
१५७
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महावाहुस्तस्थौ गिरिरिवाचलः ||
३९ ख
सौप्तिक पर्व
अध्याय
१३
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महावाहुस्तिष्ठ तिष्ठेति चाव्रवीत् ||
१५ ख
उद्योग पर्व
अध्याय
१२४
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो महेष्वासस्तावच्छाम्यतु वैशसम् ||
४ ख
सभा पर्व
अध्याय
६२
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो यमौ चेति भृशं कौतूहलान्विताः ||
३० ख
उद्योग पर्व
अध्याय
१९५
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो यमौ चोभौ युधामन्यूत्तमौजसौ ||
१८ ख
शान्ति पर्व
अध्याय
४७
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो यमौ चोभौ रथमेकं समास्थितौ |
७० क
उद्योग पर्व
अध्याय
८८
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो यमौ वापि यदपश्यं सभागताम् ||
४८ ख
आदि पर्व
अध्याय
१५१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनो यय़ौ तत्र यत्रासौ पुरुषादकः ||
१ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
१०९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रणश्लाघी त्रिधैकैकं समाच्छिनत् |
४० क
द्रोण पर्व
अध्याय
९०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रणे क्रुद्धो हार्दिक्यं समवारय़त् ||
२३ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
७७
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रणे यत्तो हार्दिक्यं समवारय़त् ||
२६ ख
शल्य पर्व
अध्याय
१२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रणे शल्यं शल्यभूतं पराक्रमे |
३ क
भीष्म पर्व
अध्याय
५०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रथात्तूर्णं पुप्लुवे मनुजर्षभ ||
१०४ ख
कर्ण पर्व
अध्याय
८
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो रिपोर्नागं गदय़ा समपोथय़त् ||
४२ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
८५
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनो वय़ं चैव संय़त्ताः सहसैनिकाः |
६९ क
आदि पर्व
अध्याय
११४
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनोग्रसेनौ च ऊर्णाय़ुरनघस्तथा |
४४ क
आदि पर्व
अध्याय
५९
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनोग्रसेनौ च सुपर्णो वरुणस्तथा |
४१ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनोऽग्रणीस्तेषां धृष्टद्युम्नश्च पार्षतः |
१८ क
शल्य पर्व
अध्याय
१२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनोऽथ नाराचं ज्वलन्तमिव पन्नगम् |
२० क
शल्य पर्व
अध्याय
३३
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनोऽथ वलवान्पुत्रस्तव जनाधिप |
९ क
कर्ण पर्व
अध्याय
३४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनोऽथ सङ्क्रुद्धस्तव सैन्यं दुरासदम् |
२९ क
आदि पर्व
अध्याय
९०
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनोऽपि काश्यां वलधरां नामोपय़ेमे वीर्यशुल्काम् |
८४ क
आदि पर्व
अध्याय
१५१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनोऽपि तद्रक्षः परिरभ्य महाभुजः |
१८ क
द्रोण पर्व
अध्याय
३१
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनोऽपि तान्सर्वान्प्रत्यविध्यन्महावलः |
४ क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय
७१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनोऽपि तेजस्वी कौन्तेय़ोऽमितविक्रमः |
१९ क