chevron_left  तेarrow_drop_down
द्रोण पर्व
अध्याय २२
सञ्जय़ उवाच
ते रोचमानस्य सुतं हेमवर्णमुदावहन् ||
५७ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
सञ्जय़ उवाच
ते ललाटं समासाद्य सूतपुत्रस्य मारिष |
७ क
आदि पर्व
अध्याय १९३
दुर्योधन उवाच
ते लोप्त्रहारैः सन्धाय़ वध्यन्तामाप्तकारिभिः ||
१६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १७०
सञ्जय़ उवाच
ते वचस्तस्य तच्छ्रुत्वा वासुदेवस्य भारत |
४३ क
वन पर्व
अध्याय १६९
अर्जुन उवाच
ते वज्रचोदिता वाणा वज्रभूताः समाविशन् ||
१५ ख
वन पर्व
अध्याय १६९
अर्जुन उवाच
ते वज्रवेगाभिहता दानवाः पर्वतोपमाः |
१६ क
वन पर्व
अध्याय ८६
धौम्य उवाच
ते वदन्ति महात्मानं कृष्णं धर्मं सनातनम् ||
२२ ख
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
सञ्जय़ उवाच
ते वद्धाः पदवन्धेन पाण्डवेन महात्मना |
२२ ख
वन पर्व
अध्याय २३४
वैशम्पाय़न उवाच
ते वद्धाः शरजालेन शकुन्ता इव पञ्जरे |
१२ क
शान्ति पर्व
अध्याय २९९
याज्ञवल्क्य उवाच
ते वध्यमाना अन्योन्यं गुणैर्हारिभिरव्ययाः |
१३ क
वन पर्व
अध्याय २३४
वैशम्पाय़न उवाच
ते वध्यमाना गन्धर्वा दिव्यैरस्त्रैर्महात्मभिः |
१० क
वन पर्व
अध्याय २३४
वैशम्पाय़न उवाच
ते वध्यमाना गन्धर्वाः पाण्डवेन महात्मना |
१५ क
वन पर्व
अध्याय २३०
वैशम्पाय़न उवाच
ते वध्यमाना गन्धर्वाः सूतपुत्रेण धीमता |
१५ क
वन पर्व
अध्याय १७०
अर्जुन उवाच
ते वध्यमाना दैतेय़ाः पुरमास्थाय़ तत्पुनः |
२१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ७१
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना द्रोणेन भीष्मेण च नरोत्तम |
३२ क
द्रोण पर्व
अध्याय ६
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना द्रोणेन वासवेनेव दानवाः |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना द्रोणेन शक्रेणेव महासुराः |
४७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीमेन धार्तराष्ट्राः पराङ्मुखाः |
७१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीमेन मातङ्गा गिरिसंनिभाः |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीमेन राक्षसाः खरय़ोनय़ः |
२४ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०२
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीष्मेण कालेनेव युगक्षय़े |
७५ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीष्मेण पाञ्चालाः सोमकैः सह |
४ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना भीष्मेण पाञ्चालाः सोमकैः सह |
३१ क
वन पर्व
अध्याय १७०
अर्जुन उवाच
ते वध्यमाना मद्वाणैर्वज्रवेगैरय़स्मय़ैः |
२८ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना वलिना भीमसेनेन दन्तिनः |
३३ क
वन पर्व
अध्याय २७०
मार्कण्डेय़ उवाच
ते वध्यमाना वलिभिर्हरिभिर्जितकाशिभिः |
१६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमाना वीरेण क्षत्रिय़ाः कालचोदिताः |
१७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः कर्णेन पाञ्चालाश्चेदिभिः सह |
४१ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः कर्णेन पाण्डवेय़ास्ततस्ततः |
३० क
शल्य पर्व
अध्याय १५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः कुरुभिः पाण्डवा नावतस्थिरे |
३ क
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पाञ्चालाः समरे सह सृञ्जय़ैः |
५१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन कालेनेव युगक्षय़े |
१४ क
भीष्म पर्व
अध्याय १००
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन कालेनेव युगक्षय़े |
४ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन कालेनेव युगक्षय़े |
२ क
द्रोण पर्व
अध्याय १८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन व्याकुलाश्वरथद्विपाः |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १७
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन शरैः संनतपर्वभिः |
२६ क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८५
वैशम्पाय़न उवाच
ते वध्यमानाः पार्थेन हय़मुत्सृज्य सम्भ्रमात् |
६ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे चेदिमत्स्या विशां पते |
२४ क
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे तव पुत्रा महारथाः |
९१ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे तावका भरतर्षभ |
२१ क
कर्ण पर्व
अध्याय १०
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे तावकाः पाण्डवैर्नृप |
३४ क
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे द्रोणपुत्रेण क्षत्रिय़ाः |
६९ क
कर्ण पर्व
अध्याय १९
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे नाजहुः पाण्डवं तदा |
७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे नानालिङ्गैः शितैः शरैः |
१९ क
द्रोण पर्व
अध्याय १४८
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे पाञ्चालाः सृञ्जय़ैः सह |
१५ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे पार्थचापच्युतैः शरैः |
१७ क
शल्य पर्व
अध्याय १३
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे पार्थनामाङ्कितैः शरैः |
११ क
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे भारद्वाजेन पार्थिवाः |
८१ क
द्रोण पर्व
अध्याय ११३
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे भीमचापच्युतैः शरैः |
१० क
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
सञ्जय़ उवाच
ते वध्यमानाः समरे मुमुचुस्तं रथोत्तमम् |
२४ क