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भीष्म पर्व
अध्याय १०६
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवं क्रुद्धं तव पुत्रो न्यवारय़त् ||
२७ ख
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवं युद्धे देवैरपि दुरासदम् |
६६ क
कर्ण पर्व
अध्याय ११
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवं युद्धे द्रौणिः शरशतैः शितैः |
१० क
कर्ण पर्व
अध्याय ११
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवं राजन्विह्वलन्तं मुहुर्मुहुः |
४१ क
कर्ण पर्व
अध्याय ९
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजंस्तव पुत्रस्य वाहिनीम् |
२ क
कर्ण पर्व
अध्याय १
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्कृतसर्वाह्णिकक्रिय़ाः |
१३ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६५
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्नरक्षन्व्यूहमात्मनः ||
४ ख
भीष्म पर्व
अध्याय १०२
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्परिवव्रुः पितामहम् ||
८ ग
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्परिवार्य धनञ्जय़म् |
३६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६५
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्पुरस्कृत्य धनञ्जय़म् |
३२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्भीमसेनपुरोगमाः |
४० क
शल्य पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्व्यूह्य सैन्यं महारणे |
११ क
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा राजन्सैन्येन महता वृताः |
८७ क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६१
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पाण्डवा वीरा नगरे नागसाह्वय़े |
७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा हृष्टा धृष्टद्युम्नपुरोगमाः |
२४ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवा हृष्टाः सिंहनादमथानदन् ||
१० ख
भीष्म पर्व
अध्याय १०६
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः शूरा गाङ्गेय़स्य रथं प्रति |
२५ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः शूरा धृष्टद्युम्नशिखण्डिनौ |
५७ क
भीष्म पर्व
अध्याय ११०
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः शूरा धृष्टद्युम्नश्च पार्षतः |
३८ क
शल्य पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः शूराः समरे जितकाशिनः |
४२ क
शल्य पर्व
अध्याय ९
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः शेषा धृष्टद्युम्नपुरोगमाः |
६० क
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे परिवार्य धनञ्जय़म् |
४० क
भीष्म पर्व
अध्याय ६६
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे परिवार्य वृकोदरम् |
२२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४२
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे भीमसेनपुरोगमाः |
३ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे महत्या सेनय़ा सह |
३२ क
सभा पर्व
अध्याय ६८
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे यथा काकय़वा अपि ||
१३ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे सात्यकिं पर्यवारय़न् ||
६७ ख
भीष्म पर्व
अध्याय ६०
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे सात्यकिं रभसं रणे |
४ क
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवाः सर्वे हर्षय़न्तो धनञ्जय़म् |
११ क
शल्य पर्व
अध्याय २२
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवानीकं रुधिरेण समुक्षितम् |
५६ क
शल्य पर्व
अध्याय ९
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवी सेना शरै राजन्समन्ततः |
६३ क
कर्ण पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवीं सेनां व्यूढां दृष्ट्वा युधिष्ठिरः |
३४ क
कर्ण पर्व
अध्याय १८
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवीं सेनां सौवलेय़ो व्यनाशय़त् ||
४० ख
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवेय़ानां ग्लहः पार्थोऽभवद्युधि ||
२५ ख
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवेय़ानां रक्षितः सव्यसाचिना |
८ क
आदि पर्व
अध्याय १९७
विदुर उवाच
तथैव पाण्डवेय़ास्ते पुत्रा राजन्न संशय़ः ||
११ ख
भीष्म पर्व
अध्याय १०७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवो राजञ्शारद्वतममर्षणम् |
३१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
सञ्जय़ उवाच
तथैव पाण्डवो राजन्भीष्मं नाकम्पय़द्युधि ||
१० ग
आदि पर्व
अध्याय १९८
धृतराष्ट्र उवाच
तथैव पाण्डुपुत्राणामिदं राज्यं न संशय़ः ||
३ ख
उद्योग पर्व
अध्याय १९
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पाण्ड्यो राजेन्द्र सागरानूपवासिभिः |
९ क
आदि पर्व
अध्याय १७८
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पार्थाः पृथुवाहवस्ते; वीरौ यमौ चैव महानुभावौ |
१२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पार्षतं शूरं शल्यः समितिशोभनः |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय ७०
सञ्जय़ उवाच
तथैव पार्षतेनापि काल्यमानं वलं तव |
३२ क
कर्ण पर्व
अध्याय ४२
सञ्जय़ उवाच
तथैव पार्षतो राजन्द्रौणिमाहवशोभिनम् |
३१ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०७
सञ्जय़ उवाच
तथैव पार्षतो राजन्हार्दिक्यं नवभिः शरैः |
४० क
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
वासुदेव उवाच
तथैव पाय़सादिग्धः प्रसीद भगवन्निति ||
३२ ख
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २८
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पितरं वृद्धं हतपुत्रं जनेश्वरम् |
९ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३६
वैशम्पाय़न उवाच
तथैव पुत्रपौत्राणां मम ये निहता युधि ||
३० ख
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९३
पितो उवाच
तथैव पुत्रपौत्राणां स्वर्गे त्रेता किलाक्षय़ा ||
४४ ख
शान्ति पर्व
अध्याय २०१
भीष्म उवाच
तथैव पुत्रो भगवानृचीकस्य महात्मनः |
३२ क