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द्रोण पर्व
अध्याय १४८
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरानीकं पद्भ्यामेवान्ववर्तत |
७ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १५
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरानीकमुद्धूतार्णवनिस्वनम् |
१७ क
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो दृष्ट्वा दुर्योधनममर्षितः |
६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो दृष्ट्वा युद्धाय़ सुसमुद्यते |
६ क
द्रोण पर्व
अध्याय २०
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो द्रोणं दृष्ट्वान्तिकमुपागतम् |
१ क
द्रोण पर्व
अध्याय ८१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो द्रोणं नवत्या नतपर्वणाम् |
१८ क
विराट पर्व
अध्याय ३२
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो मत्स्यं पुनरेवाभ्यभाषत |
४६ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३०
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा कुरुक्षेत्रमवातरत् |
१६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८२
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा कौरव्यस्य महात्मनः |
९ क
शल्य पर्व
अध्याय २२
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा क्रोधेन महता युतः |
६ क
शान्ति पर्व
अध्याय ४२
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा ज्ञातीनां ये हता मृधे |
१ क
वन पर्व
अध्याय २४२
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा तच्छ्रुत्वा दूतभाषितम् |
११ क
कर्ण पर्व
अध्याय २०
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा तव पुत्रं त्रिभिः शरैः |
१९ क
द्रोण पर्व
अध्याय १२८
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा तव पुत्रस्य मारिष |
२९ क
कर्ण पर्व
अध्याय ३९
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा त्यक्त्वा द्रौणिं महाहवे |
३८ क
विराट पर्व
अध्याय ३२
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा त्वरमाणो महारथः |
२६ क
शल्य पर्व
अध्याय १६
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा त्वरमाणो महारथः |
८२ क
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ४
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा देवैः सर्षिमरुद्गणैः |
१ क
द्रोण पर्व
अध्याय ८१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा द्रोणास्त्रं तत्समुद्यतम् |
३४ क
विराट पर्व
अध्याय १
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा धर्मपुत्रो महामनाः |
४ क
द्रोण पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा धृष्टद्युम्नधनञ्जय़ौ |
२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ७१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा धृष्टद्युम्नमभाषत |
४ क
वन पर्व
अध्याय २९६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा नकुलं वाक्यमव्रवीत् |
५ क
शल्य पर्व
अध्याय ३३
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा परिष्वज्य हलाय़ुधम् |
६ क
सभा पर्व
अध्याय ३०
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा प्रेषय़ामास पाण्डवम् |
५३ क
शान्ति पर्व
अध्याय ४४
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा भीमं भीमपराक्रमम् |
२ क
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा भीमसेनश्च पाण्डवः |
४९ क
शल्य पर्व
अध्याय १४
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा भीमसेनोऽथ सात्यकिः |
१६ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा भूय़ः शान्तनवं नृप |
१ क
द्रोण पर्व
अध्याय ७१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा मद्रराजानमाहवे |
२९ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा मध्यं प्राप्ते दिवाकरे |
१ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा मन्त्रय़ित्वा चिरं नृप |
१२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८२
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा महत्या सेनय़ा वृतः |
३५ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ |
१६ क
वन पर्व
अध्याय १९६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा मार्कण्डेय़ं महाद्युतिम् |
१ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा यमाभ्यां सहितः प्रभुः |
७ क
शान्ति पर्व
अध्याय ५३
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा यमौ भीमार्जुनावपि |
१८ क
द्रोण पर्व
अध्याय १२४
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा रथादाप्लुत्य भारत |
१ क
वन पर्व
अध्याय १५५
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा वहून्क्लेशान्विचिन्तय़न् |
१३ क
शल्य पर्व
अध्याय ११
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा वाणजालेन पीडितः |
६३ क
द्रोण पर्व
अध्याय ४९
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा विललाप सुदुःखितः |
३ क
अनुशासन पर्व
अध्याय ११५
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा शरतल्पे पितामहम् |
१ क
सभा पर्व
अध्याय ३५
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा शिशुपालमुपाद्रवत् |
१ क
आदि पर्व
अध्याय २१३
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा श्रुत्वा माधवमागतम् |
३० क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा सदारः सहसैनिकः |
५२ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा सन्ध्यां सन्दृश्य भारत |
२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा सम्प्रहृष्टः सहानुजैः |
९६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १४८
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा स्वसैन्यं प्रेक्ष्य विद्रुतम् |
२० क
भीष्म पर्व
अध्याय २२
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा स्वां सेनां समचोदय़त् |
१ क
शल्य पर्व
अध्याय ७
सञ्जय़ उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा स्वेनानीकेन संवृतः |
२९ क