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आदि पर्व
अध्याय ५५
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनः क्रूरः कर्णश्च सहसौवलः |
८ क
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
द्रोण उवाच
ततो दुर्योधनः प्राय़ात्तूर्णमाचार्यशासनात् |
२२ क
कर्ण पर्व
अध्याय ६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनः प्रीतः प्रिय़ं श्रुत्वा वचस्तदा |
१६ क
वन पर्व
अध्याय २२९
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनः प्रेष्यानादिदेश सहानुजः |
१६ क
शल्य पर्व
अध्याय ५
द्रौणिरु उवाच
ततो दुर्योधनः शल्यं भूमौ स्थित्वा रथे स्थितम् |
२२ क
उद्योग पर्व
अध्याय ८
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनः श्रुत्वा महासेनं महारथम् |
६ क
शल्य पर्व
अध्याय ५
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनः स्थित्वा रथे रथवरोत्तमम् |
७ क
शान्ति पर्व
अध्याय ४४
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनगृहं प्रासादैरुपशोभितम् |
६ क
उद्योग पर्व
अध्याय ८६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनमिदं धृतराष्ट्रोऽव्रवीद्वचः |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय ११
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनश्चिन्त्य कर्णदुःशासनादिभिः |
५ क
आदि पर्व
अध्याय १९२
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनश्चैव राधेय़श्च विशां पते |
२५ क
उद्योग पर्व
अध्याय २१
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनस्याङ्के वर्तन्तामकुतोभय़ाः |
१४ क
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनस्याश्वान्हत्वा सूतं च पञ्चभिः |
३४ क
द्रोण पर्व
अध्याय १६२
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनस्यासीन्नकुलेन समागमः |
४७ क
आदि पर्व
अध्याय १२३
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनादींस्तान्धार्तराष्ट्रान्महाय़शाः |
५६ क
शल्य पर्व
अध्याय २८
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनामात्याः साश्रुकण्ठा भृशातुराः |
६८ क
द्रोण पर्व
अध्याय ११
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनेनापि ग्रहणं पाण्डवस्य तत् |
३१ क
आदि पर्व
अध्याय १२६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनेनापि सभ्रात्रा समरोद्यतः |
२२ क
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो दृष्ट्वा दीनं सैन्यमवस्थितम् |
२५ क
शल्य पर्व
अध्याय १६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो दृष्ट्वा भग्नं स्ववलमन्तिकात् |
७९ क
शल्य पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो दृष्ट्वा भीमसेनं तथागतम् |
१ क
विराट पर्व
अध्याय ४६
वैशम्पाय़न उवाच
ततो दुर्योधनो द्रोणं क्षमय़ामास भारत |
१३ क
द्रोण पर्व
अध्याय १६०
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो द्रोणमभिगम्येदमव्रवीत् |
१ क
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो द्रोणो राजा चैव जय़द्रथः |
६७ क
कर्ण पर्व
अध्याय २६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो भूय़ो मद्रराजं तरस्विनम् |
४ क
उद्योग पर्व
अध्याय ५
वासुदेव उवाच
ततो दुर्योधनो मन्दः सहामात्यः सवान्धवः |
१० क
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजंस्तावकानभ्यभाषत |
७३ क
शल्य पर्व
अध्याय ५४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजन्निदमाह युधिष्ठिरम् |
३८ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४९
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा कलिङ्गं समचोदय़त् |
३७ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा कलिङ्गैर्वहुभिर्वृतः |
२१ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा कृपश्च रथिनां वरः |
२३ क
शल्य पर्व
अध्याय ५४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा गदामादाय़ वीर्यवान् |
२० क
भीष्म पर्व
अध्याय ८७
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा घटोत्कचमुपाद्रवत् |
९ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८३
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा चित्रसेनो विविंशतिः |
३ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९१
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा त्वरमाणो महारथः |
७७ क
द्रोण पर्व
अध्याय १३४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा दृष्ट्वा कर्णस्य विक्रमम् |
२९ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा दृष्ट्वा पुत्रं महारथम् |
१४ क
शल्य पर्व
अध्याय १२
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा दृष्ट्वा शल्यस्य विक्रमम् |
२८ क
शल्य पर्व
अध्याय २८
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा दृष्ट्वा स्ववलसङ्क्षय़म् |
६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १२७
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा द्रोणेनैवं प्रचोदितः |
१ क
कर्ण पर्व
अध्याय २०
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा धर्मशीलस्य मारिष |
११ क
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा पुनर्भ्रातरमव्रवीत् |
२१ क
शल्य पर्व
अध्याय २४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा पृष्ठमारुह्य वाजिनः |
२१ क
शल्य पर्व
अध्याय ५४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा प्रगृह्य महतीं गदाम् |
८ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा प्रहारवरमोहितः |
१६ क
भीष्म पर्व
अध्याय ६५
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा भारद्वाजमभाषत |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय १३६
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा भारद्वाजेन संवृतः |
२ क
भीष्म पर्व
अध्याय ७४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा भीमसेनं महावलम् |
५ क
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा भीष्ममासाद्य मारिष |
३५ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
सञ्जय़ उवाच
ततो दुर्योधनो राजा भीष्ममाह जनेश्वरः |
३४ क