वन पर्व
अध्याय
२९६
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तथेत्युक्त्वा तां दिशं प्रत्यपद्यत |
३४ क
शल्य पर्व
अध्याय
३२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तदा राजन्दुर्योधनमथाव्रवीत् ||
३६ ख
आदि पर्व
अध्याय
१२७
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तदा वाक्यमव्रवीत्प्रहसन्निव ||
५ ख
शान्ति पर्व
अध्याय
१६१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तदा वाक्यमिदं वक्तुं प्रचक्रमे ||
२७ ख
वन पर्व
अध्याय
१४७
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तदा वीरः प्रोवाचामित्रकर्शनः ||
१ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०६
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तदाह्वानं कर्णान्नामर्षय़द्युधि |
२० क
भीष्म पर्व
अध्याय
४३
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तव सुतं दुर्योधनमय़ोधय़त् ||
१७ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
७१
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु कौन्तेय़ो द्रोणं दृष्ट्वा पराक्रमी |
२८ क
शल्य पर्व
अध्याय
२५
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु कौन्तेय़ो हत्वा युद्धे सुतांस्तव |
३४ क
कर्ण पर्व
अध्याय
५६
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु तं क्रुद्धो विव्याध त्रिंशता शरैः |
२१ क
आदि पर्व
अध्याय
१४१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु तं दृष्ट्वा राक्षसं प्रहसन्निव |
१ क
आदि पर्व
अध्याय
१५१
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु तच्छ्रुत्वा प्रहसन्निव भारत |
७ क
सभा पर्व
अध्याय
२६
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु तद्दृष्ट्वा तस्य कर्म परन्तपः |
६ क
वन पर्व
अध्याय
१५०
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु तद्वाक्यं श्रुत्वा तस्य महात्मनः |
१० क
शल्य पर्व
अध्याय
२४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु तान्दृष्ट्वा नागान्मत्तगजोपमः |
२८ क
शल्य पर्व
अध्याय
५७
वासुदेव उवाच
भीमसेनस्तु धर्मेण युध्यमानो न जेष्यति |
४ क
भीष्म पर्व
अध्याय
७३
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु निशितैर्वाणैर्भित्त्वा महाचमूम् |
५ क
आदि पर्व
अध्याय
९०
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु पूर्वमेव हिडिम्वाय़ां राक्षस्यां घटोत्कचं नाम पुत्रं जनय़ामास ||
८८ क
शल्य पर्व
अध्याय
१५
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु राजानं गदापाणिरवारय़त् |
७ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१००
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु राजानं मुहूर्तादिव वाह्लिकम् |
२५ क
भीष्म पर्व
अध्याय
१००
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु राजानं वाह्लिकं प्रपितामहम् |
१८ क
आदि पर्व
अध्याय
१३६
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु राजेन्द्र भीमवेगपराक्रमः |
१७ क
उद्योग पर्व
अध्याय
१६६
भीष्म उवाच
भीमसेनस्तु राजेन्द्र रथोऽष्टगुणसंमितः |
१७ क
कर्ण पर्व
अध्याय
५६
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु राधेय़ं नवत्या नतपर्वणाम् |
१८ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१०६
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु राधेय़मुत्सृज्य रथिनां वरम् |
१७ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१०९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु विस्फार्य चापं हेमपरिष्कृतम् |
३४ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय
१७
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्तु सक्रोधः प्रोवाचेदं वचस्तदा |
१५ क
कर्ण पर्व
अध्याय
४०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धः कुरून्मद्रान्सकेकय़ान् |
६९ क
भीष्म पर्व
अध्याय
६९
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धः परासुकरणं दृढम् |
१७ क
भीष्म पर्व
अध्याय
९१
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धः पादरक्षान्परःशतान् |
३५ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१६४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धो गदामादाय़ पाण्डवः |
४६ क
भीष्म पर्व
अध्याय
६०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धो गदामुद्यम्य भारत |
५ क
भीष्म पर्व
अध्याय
५४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सङ्क्रुद्धो दुर्योधनममर्षणम् |
१५ क
भीष्म पर्व
अध्याय
९२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सम्प्रेक्ष्य पुत्रांस्तव जनेश्वर |
१९ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१६५
कृप उवाच
भीमसेनस्तु सव्रीडमव्रवीत्पितरं तव |
११३ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१६४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्तु सव्रीडमुपेत्य द्रोणमाहवे |
७२ क
भीष्म पर्व
अध्याय
४५
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्त्रिभिर्विद्ध्वा भीष्मं शान्तनवं रणे |
३४ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१२०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्त्रिभिश्चैव पुनः पार्थश्च सप्तभिः ||
६० ख
शल्य पर्व
अध्याय
१२
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्त्रिसप्तत्या सात्यकिर्नवभिः शरैः |
११ क
भीष्म पर्व
अध्याय
७०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्त्वरन्राजन्रथमारोपय़त्तदा ||
२८ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०३
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य कौरव्य तदद्भुतमिवाभवत् ||
१७ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
९१
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य च क्रोधान्निजघान तुरङ्गमान् ||
६९ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
९०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य चिच्छेद चापं क्रोधसमन्वितः ||
३ ख
भीष्म पर्व
अध्याय
५०
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य जग्राह पार्ष्णिं सत्पुरुषोचिताम् ||
८५ ख
आदि पर्व
अध्याय
११९
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्य तज्ज्ञात्वा दुष्टभावमदर्शय़त् ||
२४ ख
शल्य पर्व
अध्याय
५९
युधिष्ठिर उवाच
भीमसेनस्य तद्दुःखमतीव हृदि वर्तते |
३३ क
द्रोण पर्व
अध्याय
१४१
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य नादं च श्रुत्वा राजन्महात्मनः ||
५८ ख
सभा पर्व
अध्याय
२२
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनस्य नादेन जरासन्धस्य चैव ह ||
८ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
२५
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य नाराचैर्विमुखा विमदीकृताः ||
६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय
१०४
सञ्जय़ उवाच
भीमसेनस्य निनदं घोरं श्रुत्वा रणाजिरे |
१२ क