शान्ति पर्व
अध्याय
२९३
वसिष्ठ उवाच
षोडशी तु कला सूक्ष्मा स सोम उपधार्यताम् |
६ क
अनुशासन पर्व
अध्याय
११०
भीष्म उवाच
षोडशे दिवसे यस्तु सम्प्राप्ते प्राशते हविः |
६८ क
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय
३७
वैशम्पाय़न उवाच
षोडशेमानि वर्षाणि गतानि मुनिपुङ्गव |
४ क