chevron_left  सात्यकेराप्लुतोarrow_drop_down
द्रोण पर्व
अध्याय ४२
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेराप्लुतो यानं गिर्यग्रमिव केसरी ||
१४ ख
कर्ण पर्व
अध्याय ९
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेश्च तथैवासौ चर्म चिच्छेद पार्थिवः ||
२९ ख
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेश्चापि कर्मेदं द्रोणपुत्रेण साधितम् |
१४७ क
शल्य पर्व
अध्याय ३
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेश्चैव यो वेगो भीमसेनस्य चोभय़ोः |
३६ क
द्रोण पर्व
अध्याय ३०
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेश्चैव शूरस्य धृष्टद्युम्नस्य चाभिभो ||
५ ख
शल्य पर्व
अध्याय १४
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेश्चैव शूरस्य मद्राणामधिपस्य च |
३० ख
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
वैशम्पाय़न उवाच
सात्यकेस्तद्वचः श्रुत्वा विदुरो दीर्घदर्शिवान् |
१७ क
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
सञ्जय़ उवाच
सात्यकेस्तु धनुश्छित्त्वा ध्वजं च पुरुषर्षभः |
२० क
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
सञ्जय़ उवाच
सात्यकोऽपि ततस्तूर्णं भीमस्य प्रिय़काम्यया |
१०५ क
द्रोण पर्व
अध्याय ५८
सञ्जय़ उवाच
सात्यगाद्रजनी राजन्नथ राजान्ववुध्यत ||
१ ख
मौसल पर्व
अध्याय ६
वैशम्पाय़न उवाच
सात्राजिती ततः सत्या रुक्मिणी च विशां पते |
१३ क
वन पर्व
अध्याय २२२
वैशम्पाय़न उवाच
सात्राजिती याज्ञसेनीं रहसीदं सुमध्यमा ||
३ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १२८
सञ्जय़ उवाच
सात्वतं पञ्चभिर्विद्ध्वा द्रौपदेय़ांस्त्रिभिस्त्रिभिः |
२४ क
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
सञ्जय़ उवाच
सात्वतं पीडय़ामास शतेन नतपर्वणा ||
९ ख
भीष्म पर्व
अध्याय ६२
भीष्म उवाच
सात्वतं विधिमास्थाय़ गीतः सङ्कर्षणेन यः ||
३९ ख
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
भीष्म उवाच
सात्वतं विधिमास्थाय़ प्राक्सूर्यमुखनिःसृतम् |
१९ क
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
सञ्जय़ उवाच
सात्वतं शरवर्षेण छादय़ामासुरञ्जसा ||
१८ ख
कर्ण पर्व
अध्याय ३१
सञ्जय़ उवाच
सात्वतः कृतवर्मा च दक्षिणं पक्षमाश्रिताः ||
११ ख
शान्ति पर्व
अध्याय ३३०
श्रीभगवानु उवाच
सात्वतज्ञानदृष्टोऽहं सात्वतः सात्वतां पतिः ||
१३ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
सञ्जय़ उवाच
सात्वतश्च त्रिभिर्वाणैः कर्णं विव्याध मारिष |
६० क
द्रोण पर्व
अध्याय १३२
सञ्जय़ उवाच
सात्वतस्त्वभिसङ्क्रुद्धः पुत्राधिभिरभिप्लुतम् |
६ क
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
सञ्जय़ उवाच
सात्वतस्यापि कं युद्धे प्रेषय़िष्ये पदानुगम् ||
११ ख
सभा पर्व
अध्याय ४२
वैशम्पाय़न उवाच
सात्वतानां नृशंसात्मा न हितोऽनपकारिणाम् ||
६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ७२
सञ्जय़ उवाच
सात्वताभिसृते द्रोणे धृष्टद्युम्नममोचय़न् ||
३५ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ८९
धृतराष्ट्र उवाच
सात्वते च रथोदारे मम सैन्यस्य सञ्जय़ ||
१६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ९
वैशम्पाय़न उवाच
सात्वते तानि सर्वाणि त्रैलोक्यमिव केशवे ||
३४ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
सञ्जय़ उवाच
सात्वते भीमसेने च पुत्रस्ते द्रोणमभ्ययात् |
१ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
सञ्जय़ उवाच
सात्वतेन च वाणौघैर्निर्विद्धस्तनय़स्तव |
१३ क
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
सञ्जय़ उवाच
सात्वतेन महाराज कृतवर्मा न चक्षमे ||
४२ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
सञ्जय़ उवाच
सात्वतेन महाराज शतधाभिव्यदीर्यत ||
६ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ११६
सञ्जय़ उवाच
सात्वतेन विहीनः स यदि जीवति वा न वा ||
२७ ख
द्रोण पर्व
अध्याय १६९
सञ्जय़ उवाच
सात्वतेनैवमाक्षिप्तः पार्षतः परुषाक्षरम् |
२० क
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
सञ्जय़ उवाच
सात्वतो भृशसङ्क्रुद्धः सोमदत्तमथाव्रवीत् ||
९ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ९९
सञ्जय़ उवाच
सात्वतोऽपि महाराज तं विव्याध स्तनान्तरे |
२२ ख
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
कृप उवाच
सात्वतोऽपि महेष्वासो नित्यं युद्धेषु कोविदः ||
१० ख
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
सञ्जय़ उवाच
सात्वतोऽपि रणे क्रुद्धः सोमदत्तस्य धन्विनः |
२० क
द्रोण पर्व
अध्याय ९१
सञ्जय़ उवाच
सात्वतोऽपि शितैर्वाणैर्गजानीकमय़ोधय़त् |
१९ क
आदि पर्व
अध्याय १६८
गन्धर्व उवाच
साथ देव्यश्मना कुक्षिं निर्विभेद तदा स्वकम् ||
२४ ख
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
सञ्जय़ उवाच
सादितं तु रथोपस्थे दृष्ट्वा पार्थाः शिखण्डिनम् |
४५ क
द्रोण पर्व
अध्याय १४
सञ्जय़ उवाच
सादितं प्रेक्ष्य यन्तारं शल्यः सर्वाय़षीं गदाम् |
४ क
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
सञ्जय़ उवाच
सादितध्वजनागाश्च हतप्रवरवाजिनः |
११ क
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
सञ्जय़ उवाच
सादितध्वजनागास्तु हताश्वा रथिनो भृशम् |
२३ क
वन पर्व
अध्याय १३
अर्जुन उवाच
सादिता मौरवाः पाशा निसुन्दनरकौ हतौ |
२६ क
वन पर्व
अध्याय २५५
वैशम्पाय़न उवाच
सादिताः प्रत्यदृश्यन्त वहवः सव्यसाचिना |
२९ क
द्रोण पर्व
अध्याय १९
सञ्जय़ उवाच
सादितैः सगजारोहैः सपताकैः समन्ततः |
५१ क
शल्य पर्व
अध्याय ८
सञ्जय़ उवाच
सादिनः शिक्षिता राजन्परिवार्य महारथान् |
६ क
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
सञ्जय़ उवाच
सादिनः सादिनोऽभ्यघ्नंस्तथैव रथिनो रथान् |
११ क
द्रोण पर्व
अध्याय १४०
सञ्जय़ उवाच
सादिनः सादिभिः सार्धं प्रासशक्त्यृष्टिपाणय़ः |
२१ क
कर्ण पर्व
अध्याय ८
सञ्जय़ उवाच
सादिनः सादिभिश्चैव तस्मिन्परमसङ्कुले ||
९ ख
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
सञ्जय़ उवाच
सादिनश्च नरव्याघ्र युध्यमाना मुहुर्मुहुः ||
८३ ख