आदि पर्व  अध्याय १

महाभारत कथा

नाराय়णं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् |  ०   क
देवीं सरस्वतीं चैव ततो जय়मुदीरय়ेत् ||  ०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति