menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
यदाश्रौषं धनुराय़म्य चित्रं; विद्धं लक्ष्यं पातितं वै पृथिव्याम् |  १०२   क
कृष्णां हृतां पश्यतां सर्वराज्ञां; तदा नाशंसे विजय़ाय़ सञ्जय़ ||  १०२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति