menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
यदाश्रौषमभिमन्युं निहत्य; हर्षान्मूढान्क्रोशतो धार्तराष्ट्रान् |  १३४   क
क्रोधं मुक्तं सैन्धवे चार्जुनेन; तदा नाशंसे विजय़ाय़ सञ्जय़ ||  १३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति