menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
यदाश्रौषं द्रोणपुत्रं कृपं च; दुःशासनं कृतवर्माणमुग्रम् |  १४७   क
युधिष्ठिरं शून्यमधर्षय़न्तं; तदा नाशंसे विजय़ाय़ सञ्जय़ ||  १४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति