menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अत्रेश्चाप्यन्वय़े जाता व्रह्मणो मानसाः प्रजाः |  २६   क
अत्रिः पुत्रान्स्रष्टुकामस्तानेवात्मन्यधारय़त् |  २६   ख
तस्य तद्व्रह्मणः काय़ान्निर्हरन्ति हुताशनाः ||  २६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति