आदि पर्व  अध्याय १

सूत उवाच

नातिप्रीतमनाश्चासीद्विवादांश्चान्वमोदत |  ९३   क
द्यूतादीननय़ान्घोरान्प्रवृद्धांश्चाप्युपैक्षत ||  ९३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति