menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
इन्द्रो वा ते हरिवान्वज्रहस्तः; पुरस्ताद्यातु समरेऽरीन्विनिघ्नन् |  ६२   क
सुग्रीवय़ुक्तेन रथेन वा ते; पश्चात्कृष्णो रक्षतु वासुदेवः ||  ६२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति