menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो युधिष्ठिरो राजा शरतल्पे पितामहम् |  १   क
पुनरेव महातेजाः पप्रच्छ वदतां वरम् ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति