अनुशासन पर्व  अध्याय १

काल उवाच

एवं नाहं न वै मृत्युर्न सर्पो न तथा भवान् |  ६९   क
न चेय़ं व्राह्मणी वृद्धा शिशुरेवात्र कारणम् ||  ६९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति