menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वासांसि च महार्हाणि माल्यानि विविधानि च |  १८   क
उपाजह्रुर्यथान्याय़ं धृतराष्ट्रस्य पाण्डवाः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति