menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
किं तु वासाय़ राष्ट्राणि कीर्तय़िष्यामि कानिचित् |  ८   क
रमणीय़ानि गुप्तानि तेषां किञ्चित्स्म रोचय़ ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति