menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
रुरोद च नरव्याघ्र हा राजन्निति दुःखितः |  १६   क
अहो वत विविग्नाः स्म निधनेन महात्मनः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति