menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
रुदन्नेवाव्रवीद्वाक्यं राजानं जनमेजय़ |  २४   क
नातिहृष्टमनाः सूतो वाष्पसन्दिग्धय़ा गिरा ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति