उद्योग पर्व  अध्याय ५७

दुर्योधन उवाच

अहं हि पाण्डवान्हत्वा प्रशास्ता पृथिवीमिमाम् |  १६   क
मां वा हत्वा पाण्डुपुत्रा भोक्तारः पृथिवीमिमाम् ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति