menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो नरपतिं तत्र लव्धसञ्ज्ञं परन्तप |  ५१   क
अवेक्ष्य सञ्जय़ो दीनो रोदमानं भृशातुरम् ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति