menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्त्री पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मधु यः केवलं दृष्ट्वा प्रपातं नानुपश्यति |  ३०   क
स भ्रष्टो मधुलोभेन शोचत्येव यथा भवान् ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति