menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
chevron_left
chevron_right
राजो उवाच
इतस्त्वमधमामन्यां मा योनिं प्राप्स्यसे द्विज |  ५५   क
गृह्यतां द्रविणं विप्र पूतात्मा भव सत्तम ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति