menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
chevron_left
chevron_right
मरुत्त उवाच
इममश्मानं प्लवमानमारा; दध्वा दूरं तेन न दृश्यतेऽद्य |  ९   क
प्रपद्येऽहं शर्म विप्रेन्द्र त्वत्तः; प्रय़च्छ तस्मादभय़ं विप्रमुख्य ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति