menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तर्पितास्ते शरैस्तस्य भारद्वाजस्य धन्विनः |  २३   क
आतिथेय़गृहं प्राप्य नृपतेऽतिथय़ो यथा ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति