menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २११
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
निशां त्वजनय़त्कन्यामग्नीषोमावुभौ तथा |  १५   क
मनोरेवाभवद्भार्या सुषुवे पञ्च पावकान् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति