menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्राद्भुतमपश्याम कृत्स्नामक्षौहिणीं हताम् |  ३४   क
अनभिज्ञेय़रूपां च प्रदग्धामस्त्रमाय़या ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति