menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स भिन्नवर्मा रुधिरं वमन्वित्रस्तमानसः |  ५४   क
पपाताभिमुखो दीनो मद्रराजस्त्वपाक्रमत् ||  ५४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति