menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १००
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अर्जुनस्तु नरव्याघ्र सुशर्मप्रमुखान्नृपान् |  १   क
अनय़त्प्रेतराजस्य भवनं साय़कैः शितैः ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति