menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १००
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वार्ष्णेय़स्तु ततो राजन्स्वां शक्तिं घोरदर्शनाम् |  ३२   क
वेगवद्गृह्य चिक्षेप पितामहरथं प्रति ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति