menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शोणिताक्तां गदां विभ्रदुक्षितो गजशोणितैः |  ५५   क
कृतान्त इव रौद्रात्मा भीमसेनो व्यदृश्यत ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति