menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
chevron_left
chevron_right
इन्द्र उवाच
धृतराष्ट्र प्रहितो गच्छ मरुत्तं; संवर्तेन सहितं तं वदस्व |  २   क
वृहस्पतिं त्वमुपशिक्षस्व राज; न्वज्रं वा ते प्रहरिष्यामि घोरम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति