menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १०१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स गत्वा सदनं विप्रो धर्मस्य परमार्थवित् |  २२   क
आसनस्थं ततो धर्मं दृष्ट्वोपालभत प्रभुः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति