menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
धृष्टद्युम्नं तु समरे संनिवार्य महावलः |  ३१   क
कृतवर्माव्रवीद्धृष्टस्तिष्ठ तिष्ठेति पार्षतम् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति