menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तेऽपि प्रासैः सुनिशितैः शरैः संनतपर्वभिः |  २०   क
न्यकृन्तन्नुत्तमाङ्गानि विचरन्तो दिशो दश ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति