menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विरथो विधनुष्कश्च चेदिराजोऽपि संय़ुगे |  ३०   क
गदां चिक्षेप सङ्क्रुद्धो भारद्वाजरथं प्रति ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति