menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
कण्व उवाच
लव्ध्वा वरं तु सुमुखः सुमुखः सम्वभूव ह |  २८   क
कृतदारो यथाकामं जगाम च गृहान्प्रति ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति