उद्योग पर्व  अध्याय १०२

नारद उवाच

यदि ते रोचते सौम्य भुजगोत्तम माचिरम् |  ७   क
क्रिय़तामार्यक क्षिप्रं वुद्धिः कन्याप्रतिग्रहे ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति