स्त्री पर्व  अध्याय ९

जनमेजय़ उवाच

गते भगवति व्यासे धृतराष्ट्रो महीपतिः |  १   क
किमचेष्टत विप्रर्षे तन्मे व्याख्यातुमर्हसि ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति