menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः पार्थो धनुर्गृह्य दिव्यं जलदनिस्वनम् |  ४३   क
पातय़ामास भीष्मस्य धनुश्छित्त्वा शितैः शरैः ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति