menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यथैव च मम प्रीतिरर्जुने शत्रुसूदने |  १५   क
तथैव वृष्णिवीरेऽपि सात्वते युद्धदुर्मदे ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति