menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्मात्कृष्णो रणे नूनं युध्यते युद्धकोविदः |  ४०   क
यस्य वीर्यवतो वीर्यमुपजीवन्ति पाण्डवाः ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति