menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
येन वै परमां पूजां कुर्वता मानितो ह्यसि |  ८४   क
नार्जुनोऽहं घृणी द्रोण भीमसेनोऽस्मि ते रिपुः ||  ८४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति