menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १०३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
न मे प्रिय़ं यत्स हतः सम्प्राहैवं पुरो वचः |  ३५   क
न चकर्थ च मे वाक्यमुच्यमानः पुनः पुनः ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति