menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
ततः स परिहीणोऽभूत्सुरेन्द्रो वलिकर्मतः |  ११   क
धूपदीपोदकविधिं न यथावच्चकार ह |  ११   ख
ततोऽस्य यज्ञविषय़ो रक्षोभिः पर्यवाध्यत ||  ११   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति